Thode Door Thode Paas: आज के दौर में जहां हर रिश्ता मोबाइल स्क्रीन और सोशल मीडिया पर सिमट गया है, वहीं वेब सीरीज़ Thode Door Thode Paas हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम वास्तव में एक-दूसरे के करीब हैं या बस डिजिटल दुनिया के सहारे जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस कहानी में मनोरंजन के साथ-साथ एक भावनात्मक संदेश भी छिपा है जो परिवार के असली मायने याद दिलाता है।
कहानी का अनोखा विचार
इस Thode Door Thode Paas सीरीज़ की कहानी एक दिलचस्प चुनौती के इर्द-गिर्द घूमती है। अगर एक परिवार छह महीने तक डिजिटल दुनिया से दूर रह सके, तो उन्हें एक बड़ी रकम इनाम में मिलेगी। सुनने में यह काम आसान लगता है, लेकिन जब मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया जीवन का हिस्सा बन चुके हों, तब यह चैलेंज असंभव जैसा महसूस होता है।

कहानी में अश्विन मेहता (पंकज कपूर) इस चुनौती के पीछे का चेहरा हैं। वे एक ऐसे व्यक्ति हैं जो मानते हैं कि असली रिश्ते स्क्रीन के पार नहीं, बल्कि एक साथ समय बिताने में बसते हैं। सवाल बस इतना है कि क्या परिवार इस चुनौती को पूरा कर पाएगा या डिजिटल लत उनके रिश्तों पर भारी पड़ जाएगी?
किरदार जो कहानी को जीवंत बनाते हैं
Thode Door Thode Paas सीरीज़ में पंकज कपूर का अभिनय एक बार फिर दर्शकों को सोचने पर मजबूर करता है। उन्होंने अश्विन मेहता के रूप में एक गहराई भरा किरदार निभाया है, जो अपनी सोच और जीवन के अनुभव से परिवार को जोड़ने की कोशिश करता है। मोना सिंह अपने चिर-परिचित अंदाज़ में परिवार की जिम्मेदारियों और भावनाओं को बखूबी निभाती हैं। वहीं कुनाल रॉय कपूर का हल्का-फुल्का ह्यूमर और सरताज कक्कड़ की मासूमियत कहानी में दिल छू लेने वाली गर्माहट लाती है।
निर्देशन और प्रस्तुति की बारीकी
इस Thode Door Thode Paasसीरीज़ के निर्देशक अजय भुयान ने कहानी को बहुत सादगी से परोसा है। हर दृश्य में घरेलू रिश्तों की सच्चाई झलकती है। न तो यह कहानी उपदेश देने की कोशिश करती है, और न ही यह सिर्फ हँसाने का माध्यम बनती है। कैमरे के पीछे श्रीराम गणपति का सिनेमैटोग्राफी का काम काबिल-ए-तारीफ है। छोटे-छोटे पलों को जिस खूबसूरती से कैद किया गया है, वह हर दृश्य को भावनात्मक बना देता है।
परिवार और डिजिटल युग की टकराहट
Thode Door Thode Paas आज की पीढ़ी की हकीकत को सामने लाती है। मोबाइल और इंटरनेट की लत ने परिवारों को पास होते हुए भी दूर कर दिया है। यह सीरीज़ उसी दर्द को एक सॉफ्ट और हास्य भरे अंदाज़ में पेश करती है। सीरीज़ यह दिखाती है कि असली बातचीत ‘चैट बॉक्स’ में नहीं, बल्कि एक ही कमरे में साथ बैठने में होती है। कभी-कभी थोड़े दूर रहना ही हमें असली रिश्तों के थोड़ा पास ले आता है।
रिलीज़ डेट और खास जानकारी

यह Thode Door Thode Paas वेब सीरीज़ 7 नवंबर 2025 को रिलीज़ हो रही है और हिंदी भाषा में उपलब्ध होगी। इसे शीरशक एस. आनंद ने क्रिएट किया है और इसमें कॉमेडी और ड्रामा का संतुलित मिश्रण देखने को मिलेगा। सीरीज़ को 13+ दर्शकों के लिए सर्टिफिकेट मिला है, यानी इसे परिवार के साथ बैठकर देखा जा सकता है।
क्यों देखें थोड़े दूर थोड़े पास
यह सिर्फ एक मनोरंजक कहानी नहीं है, बल्कि एक भावनात्मक अनुभव भी है। यह सीरीज़ हमें याद दिलाती है कि कभी-कभी डिजिटल स्क्रीन से दूर होकर हम अपने करीबियों को और बेहतर समझ सकते हैं। यह सीरीज़ आपको हँसाएगी, सोचने पर मजबूर करेगी और शायद अपने परिवार के साथ कुछ पल बिताने की प्रेरणा भी दे जाएगी।
Disclaimer: यह लेख केवल मनोरंजन और जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें Thode Door Thode Paas दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और आधिकारिक घोषणाओं पर आधारित है। दर्शकों को सलाह दी जाती है कि वे रिलीज़ से पहले प्लेटफ़ॉर्म पर विवरण की पुष्टि कर लें।
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