PM Fasal Bima Yojana में किसानों को ₹1 का क्लेम, शिवराज सिंह चौहान ने मांगी पूरी जांच

कभी-कभी खबरें ऐसी आती हैं जो किसानों के दिल को चुभ जाती हैं। हाल ही में कुछ किसानों को PM Fasal Bima Yojana के तहत ₹1, ₹3 या ₹5 तक का बीमा क्लेम मिला है। सोचिए, इतनी कम राशि एक किसान के लिए क्या मायने रखती है, जिसने पूरे साल मेहनत करके फसल उगाई हो? इस मामले पर अब केंद्र सरकार सख्त हो गई है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस पर गंभीर नाराजगी जताई है और तत्काल जांच के आदेश दिए हैं।

PM Fasal Bima Yojana: overview

विवरण जानकारी
योजना का नाम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PM Fasal Bima Yojana)
शुरुआत का वर्ष 2016
लॉन्च किया गया भारत सरकार, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा
मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, सूखा, बाढ़, कीट या रोग से हुई फसल हानि पर वित्तीय सुरक्षा देना
किसानों का प्रीमियम योगदान खरीफ फसल के लिए 2%, रबी फसल के लिए 1.5%, और वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए 5%
शेष राशि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर वहन करती हैं
लाभार्थी देशभर के सभी पंजीकृत किसान (ऋणी और गैर-ऋणी दोनों)
कवर की जाने वाली स्थितियां प्राकृतिक आपदा, भारी बारिश, सूखा, कीट और रोग से फसल नुकसान
क्लेम प्रक्रिया नुकसान का सर्वे, रिपोर्टिंग, और बीमा कंपनी द्वारा मुआवजा भुगतान
नई पहल (2025 अपडेट) तकनीकी एकीकरण, रिमोट सेंसिंग द्वारा फसल आकलन, पारदर्शी ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम
संबंधित मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
आधिकारिक वेबसाइट https://pmfby.gov.in

शिवराज सिंह चौहान ने लिया सख्त रुख, कहा किसानों का मजाक नहीं बनने देंगे

Farmers receiving crop insurance claims under the PM Fasal Bima Yojana for crop loss due to natural calamities.

दिल्ली में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीमा कंपनियों और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “₹1, ₹3, ₹5 या ₹21 का क्लेम देना किसानों का मजाक उड़ाने जैसा है। सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।” मंत्री ने बीमा कंपनियों को आदेश दिया कि ऐसे सभी मामलों की जमीनी जांच तुरंत की जाए। उन्होंने मध्य प्रदेश के सीहोर और महाराष्ट्र के अकोला जिलों के किसानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए उनकी शिकायतें भी सुनीं। कई किसानों ने बताया कि उन्होंने पूरी फसल खो दी, लेकिन बीमा कंपनी ने उन्हें सिर्फ ₹1 का मुआवजा दिया। चौहान ने सवाल उठाया, “फसल नुकसान मापने का यह कैसा तरीका है?” उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस प्रक्रिया की समीक्षा की जाए और ऐसी त्रुटियों को खत्म किया जाए ताकि भविष्य में किसानों के साथ अन्याय न हो।

बीमा कंपनियों और अफसरों को मिली सख्त हिदायतें

कृषि मंत्री PM Fasal Bima Yojana के तहत ₹1, ₹3 या ₹5 तक का बीमा क्लेम मिला है। सोचिए, इतनी कम राशि एक किसान के लिए क्या मायने रखती है, जिसने पूरे साल मेहनत करके फसल उगाई हो? इस मामले पर अब केंद्र सर शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को ₹1 जैसे मामूली क्लेम मिलने की खबरों पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बीमा कंपनियों और अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि किसानों के साथ किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • बीमा कंपनी के प्रतिनिधि नुकसान सर्वे के दौरान मौके पर मौजूद रहें।
  • क्लेम से जुड़ी पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाए।
  • किसानों के बीमा क्लेम तुरंत और एक साथ जारी किए जाएं।
  • PM Fasal Bima Yojana के सीईओ को जिला कलेक्टरों व किसानों के साथ जांच के आदेश दिए गए।
  • नुकसान आकलन में Remote Sensing Technology की समीक्षा करने के निर्देश।

राज्य सरकारों की देरी पर भी जताई नाराजगी

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में राज्य सरकारों की देरी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि PM Fasal Bima Yojana के तहत ₹1, ₹3 या ₹5 तक का बीमा क्लेम मिला है। सोचिए, इतनी कम राशि एक किसान के लिए क्या मायने रखती है, जिसने पूरे साल मेहनत करके फसल उगाई हो? इस मामले पर अब केंद्र सर किसानों को उनका हक समय पर मिलना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • कुछ राज्य अपनी सब्सिडी हिस्सेदारी समय पर जारी नहीं करते।
  • इससे किसानों को बीमा क्लेम मिलने में देरी होती है।
  • ऐसे राज्यों से 12% ब्याज वसूला जाएगा।
  • चौहान ने कहा कि राज्य की देरी से केंद्र की छवि खराब नहीं होनी चाहिए।
  • राज्यों से किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।

PM Fasal Bima Yojana क्या है और क्यों जरूरी है 

PM Fasal Bima Yojana किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है, जो उन्हें प्राकृतिक आपदाओं से हुए फसल नुकसान से बचाने के लिए बनाई गई है। यह योजना खेती को सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जाती है।

Farmers receiving crop insurance claims under the PM Fasal Bima Yojana for crop loss due to natural calamities.

  • योजना की शुरुआत 2016 में की गई थी।
  • इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान की भरपाई करना है।
  • किसानों को drought, flood, pest और disease से सुरक्षा मिलती है।
  • केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर इसे लागू करते हैं।
  • हाल के दिनों में क्लेम देरी और गड़बड़ियों के कारण यह चर्चा में रही है।

आगे PM Fasal Bima Yojana क्या कदम उठाएगी सरकार

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब इस योजना में technological integration बढ़ाया जाएगा ताकि हर किसान को सही जानकारी और उचित मुआवजा मिले। बीमा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम मजबूत किया जाएगा। सरकार चाहती है कि कोई भी किसान ठगा हुआ महसूस न करे और हर नुकसान का सही आकलन किया जाए। जल्द ही मंत्रालय नई गाइडलाइंस जारी करेगा जिससे कम राशि वाले क्लेम्स की समस्या दोबारा न हो।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सरकारी बयानों और PM Fasal Bima Yojana विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर आधारित है। वास्तविक जांच रिपोर्ट और कार्रवाई की स्थिति समय के साथ बदल सकती है।

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