भारत के तटीय इलाकों में मछुआरे लंबे समय से अपनी मेहनत और सीमित साधनों के साथ समुद्र से रोज़ी-रोटी कमा रहे हैं। लेकिन अब उनकी जिंदगी में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (Matsya Sampada Yojana) के तहत मछुआरों को आधुनिक deep sea fishing boats दी जा रही हैं, ताकि वे समुद्र की गहराई तक जाकर बेहतर मछली पकड़ सकें और अधिक आमदनी कमा सकें।
Matsya Sampada Yojana Overview
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana – PMMSY) |
| शुरुआत की तारीख | 10 सितंबर 2020 |
| लॉन्च करने वाला मंत्रालय | मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय (Government of India) |
| मुख्य उद्देश्य | भारत को विश्व का अग्रणी मछली उत्पादक देश बनाना और मछुआरों की आय दोगुनी करना |
| कुल बजट | लगभग ₹20,050 करोड़ |
| लाभार्थी | पारंपरिक और आधुनिक मछुआरे, मछली पालन से जुड़ी सहकारी समितियां, किसान और उद्यमी |
| मुख्य फोकस | मछली उत्पादन, मत्स्य अवसंरचना, ठंडा भंडारण (Cold Chain), एक्सपोर्ट प्रमोशन और रोजगार सृजन |
| नवीनतम पहल | 200 नई डीप-सी फिशिंग बोट्स की योजना, महाराष्ट्र में सहकारी समितियों को बोट वितरण |
| मुख्य विशेषताएं | – डीप सी फिशिंग बोट्स |
अमित शाह ने सौंपी मछुआरों को नई गहराई की पहचान
मुंबई के मज़गांव डॉक में एक विशेष समारोह के दौरान केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को दो deep sea fishing boats मछुआरा सहकारी समितियों को सौंपीं। यह पहल राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC), केंद्रीय मत्स्य विभाग और राज्य सरकार के Matsya Sampada Yojana पालन विभाग के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई है।

अमित शाह ने कहा कि जैसे सहकारिता मॉडल ने डेयरी और शुगर उद्योगों को समृद्ध बनाया, वैसे ही अब fisheries sector को भी इसी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले पांच वर्षों में कम से कम 200 नई बोट्स समुद्र में उतारी जाएंगी। ये नावें गहरे समुद्र में 25 दिनों तक रह सकेंगी और 20 टन तक मछली पकड़ने में सक्षम होंगी।
मछुआरों को सीधा फायदा: अब मुनाफा जाएगा उनके हाथ में
महाराष्ट्र ने दिखाई राह, मछली पालन को दी कृषि का दर्जा
कार्यक्रम में राज्य के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने इस योजना की अहमियत को और बढ़ा दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मत्स्य मंत्री नितेश राणे दोनों ने मत्स्य क्षेत्र के तेज विकास और नई तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया।
- फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने Blue Economy के विकास को बढ़ावा दिया है।
- महाराष्ट्र ने मत्स्य क्षेत्र में नई योजनाएं लागू की हैं।
- नितेश राणे ने बताया कि राज्य ने मछली पालन को कृषि का दर्जा दिया है।
- इससे मत्स्य क्षेत्र को सरकारी लाभ मिलने लगे हैं।
- अब राज्य में AI तकनीक, वित्तीय सहायता योजनाएं, और फिशिंग पोर्ट विकास तेजी से हो रहा है।
- इन पहलों से मछली उत्पादन में 45% की वृद्धि दर्ज की गई है।
आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बड़ा कदम
Matsya Sampada Yojana का मकसद सिर्फ मछुआरों को नाव देना नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। यह योजना केंद्रीय Matsya Sampada Yojana, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की प्रमुख परियोजनाओं में से एक है, जिसका लक्ष्य 2025 तक भारत को विश्व स्तर पर मछली उत्पादन में अग्रणी बनाना है।
इस Matsya Sampada Yojana के तहत गहरे समुद्र में tuna, albacore और skipjack जैसी प्रजातियों की मछलियों को पकड़ने के लिए आधुनिक बोट्स दी जा रही हैं। इन मछलियों की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अधिक है, जिससे भारत का fish export काफी बढ़ सकता है।
सहकारिता मॉडल बनेगा मछुआरों की नई ताकत
अमित शाह ने कार्यक्रम में मछुआरों के भविष्य को लेकर बड़ी उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि जैसे अमूल ने डेयरी उद्योग में बदलाव लाया, वैसे ही cooperative fisheries मछुआरों के जीवन में नई रोशनी लेकर आएंगी।

- शाह ने कहा कि cooperative fisheries से मछुआरों का जीवन स्तर बेहतर होगा।
- अगर जरूरत पड़ी तो NCDC के माध्यम से बड़ा फंड तुरंत दिया जाएगा।
- इस योजना से हजारों मछुआरे आत्मनिर्भर बनेंगे।
- मछुआरों को रोजगार और स्थिर आय दोनों मिलेंगे।
- उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- यह पहल ग्रामीण विकास और समुद्री अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।
Matsya Sampada Yojana से समुद्र से निकलेंगे सुनहरे अवसर
प्रधानमंत्री Matsya Sampada Yojana भारत के मछुआरों के लिए एक नया युग लेकर आई है। अब वे न केवल अधिक मछली पकड़ सकेंगे, बल्कि उसे सही समय पर बाजार तक पहुंचाकर बेहतर दाम भी पा सकेंगे। यह पहल भारत को Blue Economy Powerhouse बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। आने वाले वर्षों में जब ये 200 नावें समुद्र में उतरेंगी, तो भारत के तटीय राज्यों में खुशहाली की नई लहर देखी जाएगी।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सरकारी रिपोर्ट्स, प्रेस विज्ञप्तियों और मीडिया स्रोतों पर आधारित है। वास्तविक आंकड़े या योजनाओं में बदलाव संभव है। किसी भी आधिकारिक घोषणा या नीति के लिए कृपया संबंधित सरकारी वेबसाइट देखें।
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